टुंडे कबाबी के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा तौसीफ़ जहाँ के विभिन्न प्रतिष्ठान पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के घेरे में -केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पत्र वेबलिंक https://upcpri.blogspot.com/2026/07/o-o-l.html पर उपलब्ध है l
लखनऊ...21 जुलाई 26.......
लखनऊ में टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ के खाद्य प्रतिष्ठान टुंडे कबाबी के विभिन्न प्रतिष्ठानों के विरुद्ध पर्यावरणीय एवं प्रदूषण नियंत्रण मानकों के उल्लंघन की शिकायतों पर अब केंद्रीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पुनः पत्र भेजकर मामले में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की सूचना शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देशात्मक अनुरोध किए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 09 जुलाई 2026 को जारी पत्र संख्या सीपी-99/13/2022-यूपीसी-1-एचओ-सीपीसीबी-एचओ में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कार्यवाही शिकायत संख्या एमओईएएफ/ई/2026/0002623 दिनांक 13 मई 2026 तथा प्रथम अपील संख्या एमओईएएफ/ई/ए/26/0000389 दिनांक 02 जुलाई 2026 के संदर्भ में की जा रही है।
पत्र के अनुसार शिकायत पहले ही 08 जून 2026 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी जा चुकी थी, किन्तु अपील दायर किए जाने तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रभावी कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। इसी कारण बोर्ड ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पुनः स्मरण पत्र जारी करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया है तथा कार्रवाई की प्रति शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराने को कहा है।
शिकायतकर्ता उर्वशी शर्मा ने उठाए पर्यावरणीय अनुपालन के प्रश्न
इस पूरे प्रकरण की शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनहित विषयों को उठाने वाली उर्वशी शर्मा हैं। उनके द्वारा विभिन्न सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष यह शिकायत की गई कि लखनऊ स्थित टुंडे कबाबी के विभिन्न प्रतिष्ठानों में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लागू मानकों एवं प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
शिकायतों के आधार पर मामला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक पहुंचा, जिसके बाद बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
किन नियमों का कराया गया संदर्भ
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में रेस्तरां, होटल, मोटल एवं बैंक्वेट प्रतिष्ठानों के लिए जारी प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन संबंधी दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है। इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत धुएं का नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, निकास प्रणाली, प्रदूषण नियंत्रण उपाय तथा अन्य पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना अपेक्षित है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षित कार्रवाई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षा की है कि-
- संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
- शिकायत की जांच शीघ्र पूरी की जाए।
- यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- की गई कार्रवाई की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।
पर्यावरणीय अनुपालन केवल औपचारिकता नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों द्वारा पर्यावरणीय मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण विषय है। वायु प्रदूषण, धुएं का उत्सर्जन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण तथा स्वीकृत मानकों के अनुरूप संचालन प्रत्येक प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन्हीं मानकों के अनुपालन की निगरानी के लिए वैधानिक संस्थाएं हैं।
टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ द्वारा फर्जी पत्रकार ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों के द्वारा धमकी दिलाने का आरोप
शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा ने आरोप लगाया है कि टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ एक तरफ तो निजी लाभ के लिए प्रदूषण फैला रहे हैं तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ये लोग आपराधिक मानसिकता के तहत लखनऊ में सक्रिय आपराधिक मानसिकता वाले फर्जी पत्रकारों के एक ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों द्वारा उनको लगातार यह धमकी दिला रहे हैं कि वे टुंडे कबाबी के प्रतिष्ठानों के गैरकानूनी कृत्यों की शिकायतें करना बंद कर दें l
टुंडे कबाबी के मोहम्मद उस्मान ने कुछ ब्लैकमेलर गिरोहों को अपने लिए नियुक्त कर रखा है, जिनमें अशिक्षित से लेकर आठवीं कक्षा तक नाम-मात्र के पढ़े-लिखे गुर्गे प्रमुखता से शामिल हैं। ये लोग मीडिया कर्मियों के भेष में दलाली का कार्य करते हैं और वास्तव में मोहम्मद उस्मान जैसे उन सभी लोगों के लिए काम करते हैं जो सरकारी नियमों की अवहेलना कर व्यवसाय चला रहे हैं। इनका उद्देश्य उर्वशी शर्मा जैसे जनहित कार्यकर्ताओं को धमकाना है ताकि वे जनहित के ऐसे मुद्दे न उठाएँ और मोहम्मद उस्मान जैसे आपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों को अवैध रूप से व्यवसाय करने दिया जाए तथा अलीगंज अग्निकांड जैसी और घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जाती रहे।
उर्वशी ने सूबे के प्रमुख सचिव गृह एवं प्रमुख सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से अनुरोध किया है कि ऐसे फर्जी और दलाल पत्रकारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई तो कराई ही जाये साथ ही एक नीति बनाकर ऐसे फर्जी और दलाल पत्रकारों और उनके परिवारीजनों के नाम पर चल रहे सभी जेबी समाचार पत्रों,पत्रिकाओं,पोर्टलों,मान्यताओं,सरकारी सुविधाओं आदि पर अंकुश लगाकर इनको दिए जाने वाले सरकारी विज्ञापनों पर पूर्ण रोक लगाईं जाये l

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