rti OPTIMA by YAISHWARYAJ
Tuesday, April 21, 2026
..............तो क्या बिकाऊ पत्रकारिता ने टुंडे कबाबी को बनाया है वर्ल्ड फेमस ? ---------अधिकतर मानक पूरे नहीं तो आखिर क्यों टुंडे कबाबी की शान में कसीदे कसती है (पीत) पत्रकारिता?
Monday, April 20, 2026
🟥 “टुंडे कबाबी की 160 मसालों की सीक्रेट रेसिपी - स्वाद या जनस्वास्थ्य से खिलवाड़?” तौसीफ जहां, मोहम्मद उसमान ,मोहम्मद सलमान के ‘टुंडे कबाबी’ के विरुद्ध सीक्रेट रेसिपी में अपारदर्शी सामग्री उपयोग को लेकर FSDA में गंभीर शिकायत, व्यापक जांच की उर्वशी शर्मा की मांग.
🟥 “टुंडे कबाबी की 160 मसालों की सीक्रेट रेसिपी - स्वाद या जनस्वास्थ्य से खिलवाड़?” तौसीफ जहां, मोहम्मद उसमान ,मोहम्मद सलमान के ‘टुंडे कबाबी’ के विरुद्ध सीक्रेट रेसिपी में अपारदर्शी सामग्री उपयोग को लेकर FSDA में गंभीर शिकायत, व्यापक जांच की उर्वशी शर्मा की मांग.
https://upcpri.blogspot.com/2026/04/160-fsda.html
लखनऊ,
20 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का चर्चित फूड ब्रांड टुंडे
कबाबी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। राजाजीपुरम निवासिनी समाजसेविका
एवं आरटीआई कार्यकर्त्री उर्वशी शर्मा द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA),
उत्तर प्रदेश को भेजी गई एक विस्तृत शिकायत में ब्रांड के
पांच प्रमुख आउटलेट्स पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में सबसे बड़ा मुद्दा “160 मसालों की गुप्त रेसिपी” को लेकर उठाया गया है, जिसे लेकर अब खाद्य सुरक्षा, पारदर्शिता और उपभोक्ता स्वास्थ्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
🔍 “गुप्त रेसिपी” पर उठे बड़े सवाल
क्या छिपाया जा रहा है उपभोक्ताओं से?
शिकायत के अनुसार, विभिन्न आउटलेट्स की संचालक कंपनी के डायरेक्टर्स तौसीफ़ जहाँ, मोहम्मद मोहम्मद उसमान, मोहम्मद सलमान (TAUSEEF JAHAN, MOHD USMAN, Mohammad Salman) आदि द्वारा सार्वजनिक रूप से यह दावा किया जाता है कि उनके उत्पादों में “160 प्रकार के मसालों का विशेष गुप्त मिश्रण” प्रयुक्त होता है, लेकिन—
- इस मिश्रण की कोई आधिकारिक या प्रमाणित सूची सार्वजनिक नहीं है
- सामग्री की गुणवत्ता, स्रोत और सुरक्षा का कोई खुलासा नहीं
- उपभोक्ताओं को लेबलिंग या जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती
इस अपारदर्शिता प्रक्रिया को शिकायत में खाद्य सुरक्षा मानकों के संभावित उल्लंघन के रूप में चिन्हित किया गया है।
⚖️ कानून के घेरे में आ सकता है मामला
Food Safety Act के उल्लंघन की आशंका
शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत:
- सभी खाद्य पदार्थों के अवयवों की सुरक्षा और मानकीकरण अनिवार्य है
- इतनी बड़ी संख्या में सामग्री के बावजूद पारदर्शिता का अभाव नियामकीय उल्लंघन की ओर इशारा करता है
यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित इकाइयों पर कठोर कानूनी कार्रवाई संभव है।
⚠️ जनस्वास्थ्य पर खतरे की आशंका
करोड़ों उपभोक्ताओं की सेहत दांव पर?
रोजाना बड़ी संख्या में लोग इन आउटलेट्स से भोजन करते हैं। शिकायत में आशंका जताई गई है कि—
- किसी भी प्रतिबंधित, साइकोट्रोपिक,एलर्जेनिक या अन्य प्रकार से हानिकारक तत्वों की मौजूदगी
- बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती है और सूबे का नाम बदनाम कर सकती है
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में पूर्ण सामग्री प्रकटीकरण (ingredient disclosure) बेहद जरूरी होता है।
🏬 ये हैं जांच के दायरे में 5 आउटलेट्स
पूरे शहर में फैला नेटवर्क
शिकायत में जिन प्रमुख लोकेशनों का उल्लेख किया गया है, वे हैं—
- अलीगंज (कपूरथला रोड)
- अमीनाबाद (पुराना नजीराबाद)
- हरदोई रोड (बरौरा)
- लुलु मॉल (शहीद पथ)
- चौक-हुसैनाबाद (घंटाघर क्षेत्र)
इन सभी इकाइयों की अलग-अलग जांच की मांग की गई है।
🧪 क्या होगी जांच प्रक्रिया?
NABL लैब में सैंपल टेस्टिंग की मांग
शिकायत में FSDA से निम्न कार्रवाई की मांग की गई है—
- 160 मसालों की पूरी सूची सार्वजनिक कराई जाए
- 160 मसालों की खरीद के प्रमाणों की जांच
- सभी कच्चे माल की FSSAI मानकों के तहत गुणवत्ता जांच
- प्रत्येक आउटलेट से नमूने लेकर NABL लैब में परीक्षण
- जरूरत पड़ने पर अनिवार्य लेबलिंग लागू
- उल्लंघन पर तौसीफ़ जहाँ, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद सलमान के खिलाफ कार्रवाई
🔥 बड़ा सवाल: “स्वाद का राज या नियमों से खिलवाड़?”
लखनऊ की पहचान माने जाने वाले इस विश्व प्रसिद्द ब्रांड पर लगे ये आरोप अब एक बड़े जांच विषय बन चुके हैं। अब निगाहें FSDA की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या “160 मसालों का रहस्य” उजागर होगा या जनस्वास्थ्य की भारी कीमत पर यह मामला भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
यह भी देखें -
टुंडे कबाबी का काला सच: ‘विश्व प्रसिद्ध’ के नाम पर ग्राहकों की सेहत,जानमाल और भरोसे से खिलवाड़.
https://upcpri.blogspot.com/2026/04/blog-post_14.html
“टुंडे कबाबी बना लखनऊ, यूपी और भारत की बदनामी का कारण? खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों पर बड़ा खुलासा”
https://upcpri.blogspot.com/2026/04/blog-post.html
📌 (जारी...)
जैसे ही FSDA
की ओर से कोई आधिकारिक
प्रतिक्रिया या कार्रवाई सामने आती है, इस खबर को अपडेट किया जाएगा।
Wednesday, April 15, 2026
“टुंडे कबाबी बना लखनऊ, यूपी और भारत की बदनामी का कारण? खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों पर बड़ा खुलासा”
“टुंडे कबाबी बना लखनऊ, यूपी और भारत की बदनामी का कारण? खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों पर बड़ा खुलासा”
नवाबों के शहर लखनऊ की पहचान रहे प्रतिष्ठित ब्रांड टुंडे कबाबी पर अब ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं, जो न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य और देश की छवि को भी प्रभावित कर सकते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) से जुड़े आधिकारिक पत्रों और शिकायतों से यह संकेत मिला है कि शहर में अमीनाबाद (मूल/प्रसिद्ध आउटलेट) क्षेत्र, हरदोई रोड क्षेत्र,अलीगंज क्षेत्र ,हुसैनाबाद क्षेत्र और गोमती नगर क्षेत्र स्थित 5 आउटलेट्स खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने में विफल रहे हैं।
1. Tunday Towers, Kapoorthala Road, near Novelty Cinema, Sector F, Aliganj, Lucknow
2. 168/6, Old Nazirabad Rd, Mohan Market, Khayali Ganj, Aminabad, Lucknow, Uttar Pradesh 226018
3. 78/1, Gram Baraura, Hussain Baadi, Hardoi Road, Lucknow, Uttar Pradesh - 226017
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, एफएसडीए द्वारा टुंडे कबाबी के कम से कम 5 आउटलेट्स के विरुद्ध जांच के बाद अभियोजन (Prosecution) की कार्रवाई शुरू की गई है। इन मामलों में स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और नियामकीय मानकों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।
शिकायतों के बाद उजागर हुआ मामला
इस पूरे प्रकरण को उजागर करने में राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी सामाजिक कार्यकत्री उर्वशी शर्मा की प्रमुख भूमिका रही है। उन्होंने लगातार संबंधित विभागों को शिकायतें भेजीं, जिनमें आरोप लगाया गया कि:
Ø आउटलेट्स पर खाद्य सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही थी
Ø उपभोक्ताओं को कथित रूप से फूड पॉइजनिंग का सामना करना पड़ा
Ø कई पीड़ितों ने निजी अस्पतालों में लाखों रुपये इलाज में खर्च किए
Ø स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगे, जिसके कारण समय पर निरीक्षण नहीं हुआ
उर्वशी शर्मा के अनुसार, “पीड़ितों ने जब मुझसे संपर्क किया, तब यह स्पष्ट हुआ कि मामला बेहद गंभीर है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी।”
CM पोर्टल पर दोबारा शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
लगातार अनदेखी के बाद उर्वशी शर्मा ने पुरानी शिकायतों पर फीडबैक के साथ-साथ यह मामला फिर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर उठाया । इसके बाद ही विभाग सक्रिय हुआ और:
Ø संबंधित आउटलेट्स का निरीक्षण किया गया
Ø खाद्य नमूनों की जांच कराई गई
Ø और अंततः 5 आउटलेट्स के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई
उर्वशी शर्मा ने इस कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया, लेकिन इसे “प्रारंभिक और अपर्याप्त” बताया।
“100% अनुपालन तक संघर्ष जारी रहेगा”
उर्वशी शर्मा का कहना है कि यह कार्रवाई अभी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया:
“जब तक एफएसडीए और एफएसएसएआई के सभी मानकों का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक आम नागरिकों और देशी व विदेशी पर्यटकों की जान जोखिम में बनी रहेगी।”
उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को कई विस्तृत शिकायतें फिर से भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
लखनऊ की पहचान पर सवाल
टुंडे कबाबी, जो लखनऊ की सांस्कृतिक और खानपान पहचान का प्रतीक माना जाता है, उस पर लगे ये आरोप शहर,प्रदेश और देश की प्रतिष्ठा को सीधे प्रभावित करते हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला:
Ø लखनऊ की खाद्य विरासत पर प्रश्नचिन्ह लगाएगा
Ø उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाएगा
Ø और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख पर भी असर डालेगा
निष्कर्ष
यह मामला केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून के पालन का बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि:
Ø क्या विभाग सख्त कार्रवाई कर पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करता है
Ø क्या जिम्मेदारों पर जवाबदेही तय होती है
Ø और क्या आम जनता को सुरक्षित खाद्य वातावरण मिल पाता है
फिलहाल, टुंडे कबाबी पर लगे ये आरोप लखनऊ, उत्तर प्रदेश और भारत की छवि पर एक बड़ा सवाल तो खड़ा कर ही रहे हैं।

















