क्या टुंडे कबाबी में स्वाद के पीछे छुपा है ग्राहकों की जान का खतरा?आउटलेट्स पर अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी!...तो क्या टुंडे पर पीत पत्रकारिता में लिप्त है मीडिया?
लखनऊ। रविवार, 17 मई 2026 .............
यूपी की राजधानी लखनऊ में तौसीफ जहां, मोहम्मद उसमान ,मोहम्मद सलमान के खाद्य प्रतिष्ठान “टुंडे कबाबी” के विभिन्न आउटलेट्स पर अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, संरचनात्मक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा तथा अन्य अनिवार्य मानकों के पालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा की गई जांच, निरीक्षण तथा जारी नोटिसों में कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। इसके बावजूद कुछ मीडिया संस्थानों और तथाकथित पत्रकारों द्वारा इन खामियों की जानकारी होते हुए भी टुंडे कबाबी के पक्ष में कथित “पेड न्यूज” चलाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं, जिसे सामाजिक दृष्टि से अत्यंत खतरनाक बताया जा रहा है।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय की कार्रवाई
राज्य सरकार के समक्ष की गई शिकायतों के बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय एवं अन्य विभागों द्वारा जांच की गई। शासन स्तर पर दर्ज शिकायत के निस्तारण में यह उल्लेख किया गया कि संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है तथा अन्य सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के निरीक्षण हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।
शिकायत के संबंध में उपलब्ध आधिकारिक पत्राचार के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठानों के अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा प्रबंधों की जांच कराई गई तथा आवश्यक मानकों के अनुपालन हेतु निर्देश दिए गए। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।
आउटलेट-वार गंभीर कमियां
1. टुंडे कबाबी, 168/8 ओल्ड नजीराबाद, अमीनाबाद, लखनऊ
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लखनऊ द्वारा जारी निरीक्षण रिपोर्ट में निम्न गंभीर कमियां सामने आईं—
भवन संबंधी स्थिति
- भवन बेसमेंट सहित अतिरिक्त तीन तल तक निर्मित पाया गया।
- भवन की ऊंचाई लगभग 12.50 मीटर बताई गई।
- बेसमेंट में जाने हेतु केवल संकरा सीढ़ी मार्ग पाया गया।
- एक सीढ़ी की चौड़ाई मात्र 85 सेंटीमीटर पाई गई, जबकि मानक के अनुसार पर्याप्त चौड़ाई आवश्यक है।
प्रमुख कमियां एवं निर्देश
निरीक्षण में पाया गया कि एनबीसी-2016 मानकों के अनुरूप कई महत्वपूर्ण अग्निशमन व्यवस्थाएं अनुपस्थित थीं। विभाग ने निम्न व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए—
- ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक फायर अलार्म सिस्टम।
- एड्रेसेबल स्मोक डिटेक्शन सिस्टम।
- बेसमेंट में ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम।
- अतिरिक्त अंडरग्राउंड जल भंडारण।
- उच्च क्षमता के इलेक्ट्रिक एवं जॉकी पंप।
- भवन में फायर मैनेजमेंट सिस्टम।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवश्यक अग्निशमन व्यवस्थाएं स्थापित कर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
2. टुंडे कबाबी, 78/1 ग्राम बरौरा, हुसैनबाड़ी, हरदोई रोड, लखनऊ
मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में कई चिंताजनक तथ्य सामने आए—
गंभीर अनियमितताएं
- भवन का कोई स्वीकृत मानचित्र निरीक्षण के समय प्रस्तुत नहीं किया गया।
- अग्निशमन विभाग से संबंधित एनओसी हेतु कोई आवेदन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ था।
- निरीक्षण के समय फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट प्रणाली, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं फायर अलार्म सिस्टम कार्यशील अवस्था में नहीं पाए गए।
- आपातकालीन निकास के लिए बाहरी लोहे की सीढ़ी बनाई गई, जिसे अवरोध मुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
- भवन की निर्माण स्वीकृति एवं मानचित्र संबंधी अधिकार अन्य प्राधिकरणों के अधीन बताए गए।
विभागीय कार्रवाई
निरीक्षण में पाई गई कमियों के निवारण हेतु संबंधित भवन स्वामी एवं प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया।
3. मेसर्स टुंडे कबाबी सेक्टर-एफ, कपूरथला, अलीगंज, लखनऊ
अलीगंज स्थित प्रतिष्ठान के संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा पुलिस आयुक्त को भेजे गए पत्र में बताया गया कि—
- भवन का निरीक्षण किया गया।
- पूर्व में भी अग्निसुरक्षा व्यवस्थाओं की दृष्टि से निरीक्षण किया जा चुका था।
- भवन में मानक अनुरूप अग्निसुरक्षा व्यवस्थाएं अधिष्ठापित/उपलब्ध नहीं पाई गईं।
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 एवं नियमावली-2024 के अंतर्गत चरणबद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई।
- भवन प्रबंधन/स्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी कर अतिरिक्त समय दिया गया।
- अनुपालन न होने की स्थिति में आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई।
सुरक्षा से समझौता और “पेड न्यूज” के आरोप
इन निरीक्षणों और सरकारी अभिलेखों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बावजूद कुछ मीडिया संस्थानों एवं तथाकथित पत्रकारों द्वारा टुंडे कबाबी के पक्ष में प्रचारात्मक खबरें प्रकाशित और प्रसारित किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की “पेड न्यूज” अथवा “येलो जर्नलिज्म” आम जनता के जीवन एवं सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
गौरतलब है कि इसी माह में लाइव टाइम्स न्यूज़ चैनल और एक कथित पत्रकार धीरज त्रिपाठी ने सरकारी विभागों की रिपोर्टों पर आँख मूँदकर टुंडे कबाबी के पक्ष में एक समाचार किया है जो खाद्य प्रतिष्ठान “टुंडे कबाबी” के विभिन्न आउटलेट्स पर अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, संरचनात्मक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा तथा अन्य अनिवार्य मानकों का पालन नहीं करने की हालिया रिपोर्टों के मद्देनज़र चैनल और कथित पत्रकार के द्वारा अपने निजी फायदे के लिए आम जन की जान जानबूझकर जोखिम में डाल भ्रामक प्रचार करने, पेड न्यूज़ करने और येलो जर्नलिज्म में लिप्त होने की श्रेणी में आता प्रतीत हो रहा है l
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, संरचनात्मक सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, तो उसके पक्ष में भ्रामक प्रचार करना गंभीर सामाजिक गैर-जिम्मेदारी है। इससे वहां आने वाले ग्राहकों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
समाज और सरकार के लिए गंभीर चेतावनी
सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में मीडिया की भूमिका अत्यंत जिम्मेदार मानी जाती है। ऐसे में यदि किसी प्रतिष्ठान की वास्तविक स्थिति छिपाकर उसके पक्ष में प्रचार किया जाता है, तो यह न केवल पत्रकारिता की नैतिकता के विरुद्ध है बल्कि समाज के लिए भी खतरनाक प्रवृत्ति है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी मीडिया संस्थान या व्यक्ति द्वारा जानबूझकर भ्रामक प्रचार कर जनता को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों की जानकारी से वंचित किया जाता है, तो संबंधित कानूनों के अंतर्गत जांच एवं कार्रवाई की जा सकती है।
साथ ही आम जनता को भी सलाह दी जा रही है कि किसी भी प्रतिष्ठान के बारे में प्रकाशित प्रचारात्मक सामग्री पर आंख मूंदकर विश्वास करने के बजाय सरकारी निरीक्षण रिपोर्टों, सुरक्षा मानकों तथा वास्तविक परिस्थितियों पर ध्यान दें।






















