Tuesday, July 21, 2026

टुंडे कबाबी के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा तौसीफ़ जहाँ के विभिन्न प्रतिष्ठान पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के घेरे में -केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट.

 

टुंडे कबाबी के मोo उस्मान, मोo सलमान तथा तौसीफ़ जहाँ द्वारा फर्जी पत्रकार ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों द्वारा धमकी दिलाने का आरोप- प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना से कार्रवाई की उर्वशी की गुहार l

 


 


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पत्र वेबलिंक https://upcpri.blogspot.com/2026/07/o-o-l.html  पर उपलब्ध है l

 

लखनऊ...21 जुलाई 26.......

लखनऊ में टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ के खाद्य प्रतिष्ठान टुंडे कबाबी के विभिन्न प्रतिष्ठानों के विरुद्ध पर्यावरणीय एवं प्रदूषण नियंत्रण मानकों के उल्लंघन की शिकायतों पर अब केंद्रीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पुनः पत्र भेजकर मामले में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की सूचना शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देशात्मक अनुरोध किए हैं।

 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 09 जुलाई 2026 को जारी पत्र संख्या सीपी-99/13/2022-यूपीसी-1-एचओ-सीपीसीबी-एचओ में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कार्यवाही शिकायत संख्या एमओईएएफ/ई/2026/0002623 दिनांक 13 मई 2026 तथा प्रथम अपील संख्या एमओईएएफ/ई/ए/26/0000389 दिनांक 02 जुलाई 2026 के संदर्भ में की जा रही है।

 

पत्र के अनुसार शिकायत पहले ही 08 जून 2026 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी जा चुकी थी, किन्तु अपील दायर किए जाने तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रभावी कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। इसी कारण बोर्ड ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पुनः स्मरण पत्र जारी करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया है तथा कार्रवाई की प्रति शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराने को कहा है।

 

शिकायतकर्ता उर्वशी शर्मा ने उठाए पर्यावरणीय अनुपालन के प्रश्न

इस पूरे प्रकरण की शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनहित विषयों को उठाने वाली उर्वशी शर्मा हैं। उनके द्वारा विभिन्न सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष यह शिकायत की गई कि लखनऊ स्थित टुंडे कबाबी के विभिन्न प्रतिष्ठानों में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लागू मानकों एवं प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

शिकायतों के आधार पर मामला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक पहुंचा, जिसके बाद बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

 

किन नियमों का कराया गया संदर्भ

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में रेस्तरां, होटल, मोटल एवं बैंक्वेट प्रतिष्ठानों के लिए जारी प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन संबंधी दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है। इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत धुएं का नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, निकास प्रणाली, प्रदूषण नियंत्रण उपाय तथा अन्य पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना अपेक्षित है।

 

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षित कार्रवाई

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षा की है कि-

  1. संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
  2. शिकायत की जांच शीघ्र पूरी की जाए।
  3. यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  4. की गई कार्रवाई की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।

 

पर्यावरणीय अनुपालन केवल औपचारिकता नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों द्वारा पर्यावरणीय मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण विषय है। वायु प्रदूषण, धुएं का उत्सर्जन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण तथा स्वीकृत मानकों के अनुरूप संचालन प्रत्येक प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन्हीं मानकों के अनुपालन की निगरानी के लिए वैधानिक संस्थाएं हैं।

 

टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ द्वारा फर्जी पत्रकार ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों के द्वारा धमकी दिलाने का आरोप

 

शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा ने आरोप लगाया है कि टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ एक तरफ तो निजी लाभ के लिए प्रदूषण फैला रहे हैं तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ये लोग आपराधिक मानसिकता के तहत लखनऊ में सक्रिय आपराधिक मानसिकता वाले फर्जी पत्रकारों के एक ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों द्वारा उनको लगातार यह धमकी दिला रहे हैं कि वे टुंडे कबाबी के प्रतिष्ठानों के गैरकानूनी कृत्यों की शिकायतें करना बंद कर दें l

 

टुंडे कबाबी के मोहम्मद उस्मान ने कुछ ब्लैकमेलर गिरोहों को अपने लिए नियुक्त कर रखा है, जिनमें अशिक्षित से लेकर आठवीं कक्षा तक नाम-मात्र के पढ़े-लिखे गुर्गे प्रमुखता से शामिल हैं। ये लोग मीडिया कर्मियों के भेष में दलाली का कार्य करते हैं और वास्तव में मोहम्मद उस्मान जैसे उन सभी लोगों के लिए काम करते हैं जो सरकारी नियमों की अवहेलना कर व्यवसाय चला रहे हैं। इनका उद्देश्य उर्वशी शर्मा जैसे जनहित कार्यकर्ताओं को धमकाना है ताकि वे जनहित के ऐसे मुद्दे न उठाएँ और मोहम्मद उस्मान जैसे आपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों को अवैध रूप से व्यवसाय करने दिया जाए तथा अलीगंज अग्निकांड जैसी और घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जाती रहे।

 

उर्वशी ने सूबे के प्रमुख सचिव गृह एवं प्रमुख सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से अनुरोध किया है कि ऐसे फर्जी और दलाल पत्रकारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई तो कराई ही जाये साथ ही एक नीति बनाकर ऐसे फर्जी और दलाल पत्रकारों और उनके परिवारीजनों के नाम पर चल रहे सभी जेबी समाचार पत्रों,पत्रिकाओं,पोर्टलों,मान्यताओं,सरकारी सुविधाओं आदि पर अंकुश लगाकर इनको दिए जाने वाले सरकारी विज्ञापनों पर पूर्ण रोक लगाईं जाये l

 

टुंडे कबाबी के मोo उस्मान, मोo सलमान तथा तौसीफ़ जहाँ द्वारा फर्जी पत्रकार ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों द्वारा धमकी दिलाने का आरोप- प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना से कार्रवाई की उर्वशी की गुहार l


 

 

टुंडे कबाबी के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा तौसीफ़ जहाँ  के विभिन्न प्रतिष्ठान पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के घेरे में -केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट.

 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पत्र वेबलिंक https://upcpri.blogspot.com/2026/07/o-o-l.html  पर उपलब्ध है l

 

लखनऊ...21 जुलाई 26.......

लखनऊ में टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ के खाद्य प्रतिष्ठान टुंडे कबाबी के विभिन्न प्रतिष्ठानों के विरुद्ध पर्यावरणीय एवं प्रदूषण नियंत्रण मानकों के उल्लंघन की शिकायतों पर अब केंद्रीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पुनः पत्र भेजकर मामले में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की सूचना शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देशात्मक अनुरोध किए हैं।

 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 09 जुलाई 2026 को जारी पत्र संख्या सीपी-99/13/2022-यूपीसी-1-एचओ-सीपीसीबी-एचओ में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कार्यवाही शिकायत संख्या एमओईएएफ/ई/2026/0002623 दिनांक 13 मई 2026 तथा प्रथम अपील संख्या एमओईएएफ/ई/ए/26/0000389 दिनांक 02 जुलाई 2026 के संदर्भ में की जा रही है।

 

पत्र के अनुसार शिकायत पहले ही 08 जून 2026 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी जा चुकी थी, किन्तु अपील दायर किए जाने तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रभावी कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। इसी कारण बोर्ड ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पुनः स्मरण पत्र जारी करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया है तथा कार्रवाई की प्रति शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराने को कहा है।

 

शिकायतकर्ता उर्वशी शर्मा ने उठाए पर्यावरणीय अनुपालन के प्रश्न

इस पूरे प्रकरण की शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनहित विषयों को उठाने वाली उर्वशी शर्मा हैं। उनके द्वारा विभिन्न सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष यह शिकायत की गई कि लखनऊ स्थित टुंडे कबाबी के विभिन्न प्रतिष्ठानों में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लागू मानकों एवं प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

शिकायतों के आधार पर मामला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक पहुंचा, जिसके बाद बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

 

किन नियमों का कराया गया संदर्भ

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में रेस्तरां, होटल, मोटल एवं बैंक्वेट प्रतिष्ठानों के लिए जारी प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन संबंधी दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है। इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत धुएं का नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, निकास प्रणाली, प्रदूषण नियंत्रण उपाय तथा अन्य पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना अपेक्षित है।

 

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षित कार्रवाई

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षा की है कि-

  1. संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
  2. शिकायत की जांच शीघ्र पूरी की जाए।
  3. यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  4. की गई कार्रवाई की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।

 

पर्यावरणीय अनुपालन केवल औपचारिकता नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों द्वारा पर्यावरणीय मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण विषय है। वायु प्रदूषण, धुएं का उत्सर्जन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण तथा स्वीकृत मानकों के अनुरूप संचालन प्रत्येक प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन्हीं मानकों के अनुपालन की निगरानी के लिए वैधानिक संस्थाएं हैं।

 

टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ द्वारा फर्जी पत्रकार ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों के द्वारा धमकी दिलाने का आरोप

 

शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा ने आरोप लगाया है कि टुंडे कबाबी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद उस्मान, निदेशक मोहम्मद सलमान तथा निदेशक तौसीफ़ जहाँ एक तरफ तो निजी लाभ के लिए प्रदूषण फैला रहे हैं तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ये लोग आपराधिक मानसिकता के तहत लखनऊ में सक्रिय आपराधिक मानसिकता वाले फर्जी पत्रकारों के एक ब्लैकमेलर गैंग के गुर्गों द्वारा उनको लगातार यह धमकी दिला रहे हैं कि वे टुंडे कबाबी के प्रतिष्ठानों के गैरकानूनी कृत्यों की शिकायतें करना बंद कर दें l

 

टुंडे कबाबी के मोहम्मद उस्मान ने कुछ ब्लैकमेलर गिरोहों को अपने लिए नियुक्त कर रखा है, जिनमें अशिक्षित से लेकर आठवीं कक्षा तक नाम-मात्र के पढ़े-लिखे गुर्गे प्रमुखता से शामिल हैं। ये लोग मीडिया कर्मियों के भेष में दलाली का कार्य करते हैं और वास्तव में मोहम्मद उस्मान जैसे उन सभी लोगों के लिए काम करते हैं जो सरकारी नियमों की अवहेलना कर व्यवसाय चला रहे हैं। इनका उद्देश्य उर्वशी शर्मा जैसे जनहित कार्यकर्ताओं को धमकाना है ताकि वे जनहित के ऐसे मुद्दे न उठाएँ और मोहम्मद उस्मान जैसे आपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों को अवैध रूप से व्यवसाय करने दिया जाए तथा अलीगंज अग्निकांड जैसी और घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जाती रहे।

 

उर्वशी ने सूबे के प्रमुख सचिव गृह एवं प्रमुख सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से अनुरोध किया है कि ऐसे फर्जी और दलाल पत्रकारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई तो कराई ही जाये साथ ही एक नीति बनाकर ऐसे फर्जी और दलाल पत्रकारों और उनके परिवारीजनों के नाम पर चल रहे सभी जेबी समाचार पत्रों,पत्रिकाओं,पोर्टलों,मान्यताओं,सरकारी सुविधाओं आदि पर अंकुश लगाकर इनको दिए जाने वाले सरकारी विज्ञापनों पर पूर्ण रोक लगाईं जाये l

 


Wednesday, July 1, 2026

टुंडे कबाबी का 160 गुप्त मसालों की रेसिपी का दावा झूंठा l सरकारी जांच में टुंडे कबाबी के प्रबंधकों और मालिकों ने ही कहा ऐसी कोई रेसिपी नहीं ! मतलब दशकों से मीडिया के माध्यम से 160 गुप्त मसालों की रेसिपी का झूंठ दुनिया के सामने परोस जानबूझकर धोखाधड़ी कर रहे थे मोहम्मद उसमान एंड संस l




एफएसडीए निरीक्षण में टुंडे कबाबी के प्रबंधकों और मालिकों ने "160 मसालों" के वर्तमान प्रयोग से किया इंकार, दशकों पुराने दावे निकले झूंठ l

 

लखनऊ/01 जुलाई 2026.......... दशकों से टुंडे कबाबी की पहचान मोहम्मद उस्मान एंड संस की 160 गुप्त मसालों वाली रेसिपी के रूप में प्रचारित होती रही है। किंतु खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), लखनऊ द्वारा विभिन्न शाखाओं में किए गए आधिकारिक निरीक्षण में दर्ज तथ्यों ने इस दावे के वर्तमान स्वरूप पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

 

उर्वशी शर्मा की शिकायत पर एफएसडीए अधिकारियों ने टुंडे कबाबी की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टुंडे टावर्स, अलीगंज शाखा के प्रबंधक ने अधिकारियों को बताया कि उनके प्रतिष्ठान में 160 मसालों के मिश्रण का प्रयोग नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मेन्यू अथवा प्रचार सामग्री में ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। अधिकारियों ने निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया कि मेन्यू एवं प्रदर्शित सामग्री में केवल प्रतिष्ठान के इतिहास (Legacy/History) का उल्लेख है।

 

जांच के दौरान प्रबंधक ने यह भी स्वीकार किया कि मिश्रित मसाले की रेसिपी अथवा संरचना के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है तथा मिश्रित मसाला अमीनाबाद स्थित स्वामी द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

 

इसी प्रकार एम.आर. ईटिंग पॉइंट (टुंडे कबाबी), सेकेंड फ्लोर, लुलु शॉपिंग मॉल के निरीक्षण में अधिकारियों को "160 मसालों" का कोई लिखित दावा, बोर्ड अथवा विज्ञापन नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार परिसर में प्रदर्शित विजन/मिशन बोर्ड पर केवल प्रतिष्ठान की ऐतिहासिक विरासत एवं मसालों के मिश्रण का सामान्य उल्लेख था, जिसे अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत नहीं माना। यहां के प्रबंधक ने भी बताया कि मिश्रित मसाला अमीनाबाद शाखा के स्वामी द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

 

घंटाघर स्थित शाखा के प्रबंधक ने भी अधिकारियों को बताया कि उन्होंने कभी 160 मसालों के प्रयोग का दावा नहीं किया तथा उनके मेन्यू कार्ड में भी ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि तैयार खाद्य सामग्री अमीनाबाद से उपलब्ध कराई जाती है।

 

हुसैनाबाद स्थित शाखा में भी प्रबंधक ने अधिकारियों को बताया कि कबाब एवं अन्य खाद्य पदार्थ अमीनाबाद से आते हैं तथा उन्हें किसी 160 मसालों के मिश्रण की जानकारी नहीं है। यहां भी मेन्यू कार्ड में ऐसा कोई दावा नहीं पाया गया।

 

सबसे महत्वपूर्ण निरीक्षण 168/8, ओल्ड नज़ीराबाद, अमीनाबाद स्थित मूल प्रतिष्ठान में हुआ। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार परिसर में 160 प्रकार के मसालों के प्रयोग संबंधी कोई बोर्ड, पोस्टर अथवा प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं मिली। पूछताछ पर खाद्य कारोबारकर्ता ने 160 प्रकार के मसालों के प्रयोग संबंधी दावे को असत्य बताया तथा अधिकारियों को अवगत कराया कि उनके प्रतिष्ठान में केवल पैकेटबंद एवं कंपनी द्वारा निर्मित मसालों का ही प्रयोग किया जाता है।

 

सरकारी निरीक्षण के इन अभिलेखों के बाद अब यह प्रश्न उठ रहा है कि यदि विभिन्न शाखाओं के प्रबंधक तथा स्वयं अमीनाबाद स्थित खाद्य कारोबारकर्ता वर्तमान में 160 मसालों के प्रयोग से इंकार कर रहे हैं, तो वर्षों से "मोहम्मद उस्मान एंड संस की 160 गुप्त मसालों वाली रेसिपी" के नाम पर बनी ब्रांड पहचान का वास्तविक आधार क्या है। प्रश्न यह भी है कि क्या मोहम्मद उसमान एंड संस व्यापार में लाभ के लिए दशकों से मीडिया के माध्यम से 160 गुप्त मसालों की रेसिपी का झूंठ दुनिया के सामने परोस अपने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे?

 

 

उपभोक्ताओं के समक्ष प्रस्तुत ब्रांड छवि और वास्तविक संचालन में पाया गया यह अंतर केवल खाद्य गुणवत्ता तक सीमित न रहकर मोहम्मद उसमान एंड संस के टुंडे कबाबी द्वारा भ्रामक व्यापारिक दावों एवं उपभोक्ता संरक्षण  के मुद्दों के साथ-साथ आम जनता के साथ धोखाधड़ी करने के आपराधिक कृत्य करने का गंभीर प्रश्न भी खड़े कर रहा है।

 

उर्वशी ने बताया कि वे शीघ्र ही जनहित के इन मामलों को लेकर अदालत जाएँगी ताकि झूंठ का व्यापार करने वालों पर लगाम लगे और आम ग्राहक के हित सुरक्षित रहें l