Wednesday, April 15, 2026

“टुंडे कबाबी बना लखनऊ, यूपी और भारत की बदनामी का कारण? खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों पर बड़ा खुलासा”

 


 

नवाबों के शहर लखनऊ की पहचान रहे प्रतिष्ठित ब्रांड टुंडे कबाबी पर अब ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं, जो न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य और देश की छवि को भी प्रभावित कर सकते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) से जुड़े आधिकारिक पत्रों और शिकायतों से यह संकेत मिला है कि शहर में अमीनाबाद (मूल/प्रसिद्ध आउटलेट) क्षेत्र, हरदोई रोड  क्षेत्र,अलीगंज क्षेत्र ,हुसैनाबाद  क्षेत्र और गोमती नगर क्षेत्र स्थित 5 आउटलेट्स खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने में विफल रहे हैं।

 


1.    Tunday Towers, Kapoorthala Road, near Novelty Cinema, Sector F, Aliganj, Lucknow

2.    168/6, Old Nazirabad Rd, Mohan Market, Khayali Ganj, Aminabad, Lucknow, Uttar Pradesh 226018

3.    78/1, Gram Baraura, Hussain Baadi, Hardoi Road, Lucknow, Uttar Pradesh - 226017

4.    Lulu Shopping Mall, 2nd Floor, Unit No. X-006 & X-007, Shaheed Path, Sushant Golf City, Sultanpur Road, Lucknow - 226030

5.    Shop No 5 Ghanta Ghar Hussainabad Clock Tower Hussainabad Lucknow,Nagar Nigam Food Safety Zone-22, Lucknow,Uttar Pradesh-226003

 

 

उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, एफएसडीए द्वारा टुंडे कबाबी के कम से कम 5 आउटलेट्स के विरुद्ध जांच के बाद अभियोजन (Prosecution) की कार्रवाई शुरू की गई है। इन मामलों में स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और नियामकीय मानकों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।

 

शिकायतों के बाद उजागर हुआ मामला

इस पूरे प्रकरण को उजागर करने में राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी सामाजिक कार्यकत्री उर्वशी शर्मा की प्रमुख भूमिका रही है। उन्होंने लगातार संबंधित विभागों को शिकायतें भेजीं, जिनमें आरोप लगाया गया कि:

Ø  आउटलेट्स पर खाद्य सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही थी

Ø  उपभोक्ताओं को कथित रूप से फूड पॉइजनिंग का सामना करना पड़ा

Ø  कई पीड़ितों ने निजी अस्पतालों में लाखों रुपये इलाज में खर्च किए

Ø  स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगे, जिसके कारण समय पर निरीक्षण नहीं हुआ

उर्वशी शर्मा के अनुसार, “पीड़ितों ने जब मुझसे संपर्क किया, तब यह स्पष्ट हुआ कि मामला बेहद गंभीर है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी।”

 

CM पोर्टल पर दोबारा शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

लगातार अनदेखी के बाद उर्वशी शर्मा ने पुरानी शिकायतों पर फीडबैक के साथ-साथ यह मामला फिर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर उठाया । इसके बाद ही विभाग सक्रिय हुआ और:

Ø  संबंधित आउटलेट्स का निरीक्षण किया गया

Ø  खाद्य नमूनों की जांच कराई गई

Ø  और अंततः 5 आउटलेट्स के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई

उर्वशी शर्मा ने इस कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया, लेकिन इसे “प्रारंभिक और अपर्याप्त” बताया।

 

“100% अनुपालन तक संघर्ष जारी रहेगा”

उर्वशी शर्मा का कहना है कि यह कार्रवाई अभी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया:

जब तक एफएसडीए और एफएसएसएआई के सभी मानकों का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक आम नागरिकों और देशी व विदेशी पर्यटकों की जान जोखिम में बनी रहेगी।”

उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को कई विस्तृत शिकायतें फिर से भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

 

लखनऊ की पहचान पर सवाल

टुंडे कबाबी, जो लखनऊ की सांस्कृतिक और खानपान पहचान का प्रतीक माना जाता है, उस पर लगे ये आरोप शहर,प्रदेश और देश की प्रतिष्ठा को सीधे प्रभावित करते हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला:

Ø  लखनऊ की खाद्य विरासत पर प्रश्नचिन्ह लगाएगा

Ø  उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाएगा

Ø  और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख पर भी असर डालेगा

 

निष्कर्ष

यह मामला केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून के पालन का बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि:

Ø  क्या विभाग सख्त कार्रवाई कर पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करता है

Ø  क्या जिम्मेदारों पर जवाबदेही तय होती है

Ø  और क्या आम जनता को सुरक्षित खाद्य वातावरण मिल पाता है

फिलहाल, टुंडे कबाबी पर लगे ये आरोप लखनऊ, उत्तर प्रदेश और भारत की छवि पर एक बड़ा सवाल तो खड़ा कर ही रहे हैं।

 

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